चौथे सीजन में और भी दमदार वापसी: कोक स्टूडियो भारत ने 4 के कलाकारों की लिस्ट जारी की
‘द लिस्ट’ में रेखा भारद्वाज, आदित्य रिखारी, कुटले खान, क़ैसर निज़ामी, अर्सलान निज़ामी, स्वरित शुक्ला समेत कई कलाकार शामिल हैं
राष्ट्रीय, 17 मार्च 2026: भारत के म्यूजिक स्ट्रीमिंग परिदृश्य को एक नई पहचान देने वाले कोक स्टूडियो भारत ने तीन सफल सीजन के बाद अब सीजन 4 के साथ वापसी की है। देशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने और क्षेत्रीय धुनों व परंपराओं को नए रूप में पेश करने के लिए मशहूर यह प्लेटफॉर्म, इस बार ‘द लिस्ट’ के साथ नए सीजन का आगाज़ कर रहा है। इसमें इस साल हिस्सा लेने वाले कलाकारों के नामों का खुलासा किया गया है।
अगर सीजन 3 ने दर्शकों को ‘अर्ज किया है’ जैसा गाना दिया था—जिसने भारत की कविता संस्कृति को आधुनिक रूप में पेश कर चार्ट्स में टॉप किया—और ‘होली आई रे’ जैसे फेस्टिव ट्रैक दिए, तो सीजन 4 इस सिलसिले को और गहराई तक ले जाते हुए भारत की स्थानीय कहानियों और मिट्टी की धुनों पर केंद्रित है।
इस साल के लाइन-अप में आदित्य रिखारी, कुटले खान, रैवेटर, फहीम अब्दुल्ला, अर्सलान निज़ामी, मधुर शर्मा, अशोक मस्कीन, वैभव पानी, मोहम्मद फैज़, मामे खान, ख़्वाब, उत्पल उदित और रेखा भारद्वाज जैसे कलाकार शामिल हैं। यह कलाकारों का एक ऐसा बेजोड़ समूह है जो देश के अलग-अलग कोनों, अलग-अलग संगीत विरासतों और विविध श्रोताओं का प्रतिनिधित्व करता है।
इस सीजन की सबसे बड़ी खूबी इसकी विविधता है। गानों का खुलासा धीरे-धीरे होगा, लेकिन सीजन 4 में व्यक्तिगत कहानियों, भक्ति, विरह, स्मृतियों और पुरानी परंपराओं को नए नज़रिए से पेश करने वाले विषय देखने को मिलेंगे। इसमें राजस्थान के लोक संगीत, कश्मीर की दास्तानगोई शैली, बनारस की सांस्कृतिक जड़ें, पंजाब की सूफी विरासत और आज के दौर के प्यार की झलक मिलेगी। अलग-अलग आवाजें, अनोखी जोड़ियां और ऐसी कहानियां जो संस्कृति, स्थान और यादों से बुनी तो हैं, लेकिन उन्हीं तक सीमित नहीं हैं।
रेखा भारद्वाज ने कहा, “हर पीढ़ी अपनी जड़ों को अपने तरीके से फिर से खोजती है। कोक स्टूडियो भारत एक ऐसा स्पेस देता है जहाँ यह खोज ‘जुगलबंदी’ के ज़रिए होती है। सीजन 4 परंपरा की रूह को संजोए रखने और उसे एक नए संदर्भ में जीने का नाम है।”
आदित्य रिखारी ने कहा, “मेरा संगीत हमेशा से व्यक्तिगत और भावनात्मक रहा है। कोक स्टूडियो भारत के साथ जुड़ने पर गाने का मूल भाव वही रहता है, बस उसके आस-पास की आवाज़ और भव्य हो जाती है। सीजन 4 भी ऐसा ही है—लिखने में बहुत निजी, लेकिन सुनने में बहुत विशाल।”
फहीम अब्दुल्ला ने कहा, “संगीत अपने साथ यादें, पहचान और भावनाएं लेकर चलता है। यह गाना कश्मीर के एक ऐसे कवि की कल्पना से निकला है जिसके पास कहने को अपनी एक कहानी है। कोक स्टूडियो भारत का हिस्सा बनकर मुझे कहानी कहने के उस अंदाज़ को राष्ट्रीय मंच पर लाने का मौका मिला है। इस सीजन ने मुझे अपनी जड़ों को उस ‘कोक रॉक’ के साथ जोड़ने का मौका दिया, जिसे सुनते हुए मैं बड़ा हुआ हूँ।”
इस सीजन के गानों की जानकारी एक-एक करके सामने आएगी। हमारा ध्यान एक ऐसा स्थान बनाने पर रहेगा जहाँ अलग-अलग आवाज़ें एक साथ आएं, लेकिन अपनी जड़ों और मौलिकता से जुड़ी रहें।
शांतनु गंगाने, आईएमएक्स (इंटीग्रेटेड मार्केटिंग एक्सपीरियंस) लीड, कोका-कोला इंडिया और साउथवेस्ट एशिया ने कहा, “कोक स्टूडियो भारत, भारत की लोक परंपराओं और समकालीन आवाज़ों को एक साथ लाता है, जिससे एक ऐसा मंच तैयार होता है जहाँ पुराना और नया संगीत एक साथ विकसित होते हैं। पिछले तीन सीजन में हमने क्षेत्रीय भाषाओं, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और अनकही कहानियों को बड़े स्तर पर पेश होते देखा है। सीजन 4 इसी दृष्टिकोण को और मज़बूत करता है और देश के भीतरी इलाकों की संस्कृति और संगीत को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है।”
देवराज सान्याल, चेयरमैन और सीईओ, इंडिया और साउथ एशिया तथा सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (स्ट्रैटेजी), एशिया, मिडल ईस्ट और अफ्रीका, यूनिवर्सल म्यूज़िक ग्रुप ने कहा, “कोक स्टूडियो भारत उसी तरह के रचनात्मक परिवेश का प्रतीक है जिसकी भारत की म्यूज़िक इंडस्ट्री को ज़रूरत है—एक ऐसा मंच जो हमारी क्षेत्रीय विरासत की गहराई का सम्मान करता है और उसे एक आधुनिक व वैश्विक स्तर पर गूंजने वाली ध्वनि में ढालता है। पिछले तीन सीजन में हमने प्रामाणिक कहानियों और अलग-अलग संस्कृतियों के मेल की ताकत को बड़े पैमाने पर दिखाया है। अब जब हम सीजन 4 में कदम रख रहे हैं, तो हमारा लक्ष्य स्पष्ट है कि रचनात्मकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत बनी रहे।
आज की दुनिया में, उपभोक्ता अब केवल एक निष्क्रिय श्रोता नहीं रह गया है, बल्कि वह एक ‘सुपरफैन’ के रूप में हमारे साथ मिलकर संस्कृति को आकार देने वाला एक सक्रिय भागीदार बन गया है। यही बात हमारे मुख्य उद्देश्य को सरल बनाती है—कि हम सबसे असाधारण कलाकारों के साथ सबसे प्रभावशाली संगीत तैयार करें और ऐसा करके भारत और उसके बाहर संस्कृति को नई दिशा देने में मदद करें।”
कोक स्टूडियो भारत ने हमेशा स्थानीय तत्वों को केंद्र में रखा है। डिजिटल-फर्स्ट दर्शकों के लिए तैयार यह मंच क्षेत्रीय भाषाओं, लोक कथाओं, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और आधुनिक कलाकारों को एक साथ लाता है। पिछले कुछ वर्षों में देश भर के कलाकारों ने इस मंच पर अपनी जगह बनाई है। इसका फॉर्मेट अनोखी जोड़ियों को बढ़ावा देता है, साथ ही हर कलाकार की अपनी मौलिकता और शैली को बरकरार रखता है।
सीजन 4 अनुभव और प्रयोग का एक समान मिश्रण पेश करता है। पहले गाने के रिलीज़ होने के साथ ही, कोक स्टूडियो भारत एक बार फिर नए दौर की धुन तैयार करने के लिए तैयार है।








