एक त्योहार, कई पल: इस फेस्टिव सीज़न में कोका-कोला इंडिया ने बढ़ाई अपनी मौजूदगी

एक त्योहार, कई पल: इस फेस्टिव सीज़न में कोका-कोला इंडिया ने बढ़ाई अपनी मौजूदगी

मुंबई, 24 सितंबर 2026: फेस्टिव सीज़न घरों, मोहल्लों और साझा जगहों में लोगों को एक साथ लाता है, और सामुदायिक उत्सव मनाने के कई मौके बनाता है। इसी समावेशी भावना को दिखाते हुए कोका-कोला इंडिया अपनी विविध बेवरेज रेंज को उपभोक्ताओं के और करीब ला रही है, ताकि उनके फेस्टिव अनुभव से जुड़े हर मौके पर उन्हें ताज़गी और हाइड्रेशन मिल सके।
इस साल कोका-कोला इंडिया अपने बॉटलिंग पार्टनर हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज़ के साथ मिलकर महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों में अपनी फेस्टिव मौजूदगी को बड़े पैमाने पर बढ़ा रही है। इस पहल के तहत फेस्टिव पार्टनरशिप और लोकल टचपॉइंट का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया है, जिसमें फेस्टिव पंडाल और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन शामिल हैं। इसके साथ ही मोहल्ले के बाज़ारों, ईटरीज़ और दूसरी अहम जगहों के साथ भी जुड़ाव मजबूत किया जा रहा है।
यह फेस्टिव सफर स्टोर से घर तक, दोनों तरह के मौकों तक फैला है। उपभोक्ता मोहल्ले के रिटेलर, रिटेल व ट्रेड पार्टनर और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए बेवरेज पा सकते हैं। किफायती पैक विकल्पों और एक मजबूत रिटेल व डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के साथ, जिसे कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और लास्ट-माइल उपलब्धता का साथ मिलता है, उपभोक्ताओं को ठंडे बेवरेज आसानी से मिल सकेंगे, चाहे वे पंडाल घूम रहे हों, साथ बैठकर खाना खा रहे हों, घर पर जुटे हों, या चलते-फिरते ताज़गी की तलाश में हों।
कोका-कोला इंडिया एंड साउथवेस्ट एशिया में वाइस प्रेसिडेंट, इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस (एचसीसीबी) एंड कमर्शियल, डेसमंड निखिल डिसूज़ा ने कहा, “महाराष्ट्र में फेस्टिव सीज़न का एक खास महत्व है। यह परंपराओं, साझा अनुभवों और एकजुटता की मजबूत भावना के जरिए लोगों को एक साथ लाता है। हमें खुशी है कि हम उपभोक्ताओं को तरोताज़ा रखकर और उनके जश्न मनाने के अलग-अलग तरीकों में शामिल होकर इन पलों में अपनी एक छोटी सी भूमिका निभा पा रहे हैं, चाहे वह घर पर हो, साथ खाना खाते हुए हो, या चलते-फिरते। हमारे बॉटलिंग पार्टनर और रिटेल इकोसिस्टम की ताकत के दम पर, हमारा फोकस ताज़गी को हर किसी तक पहुंचाने पर है, और साथ ही लोकल वेंडर व रिटेलर के लिए आर्थिक मौके बनाने पर भी है। ”
हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज़ (एचसीसीबी) के चीफ कमर्शियल ऑफिसर विनय नायर ने कहा, “महाराष्ट्र का उत्साह से भरा फेस्टिव सीज़न समुदायों, मोहल्ले के कारोबारियों और लोकल बाज़ारों को एक अनोखे तरीके से जोड़ता है। हमारी मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन क्षमताएं, जिन्हें एक मजबूत लास्ट-माइल रिटेल नेटवर्क का साथ मिलता है, राज्य भर में कोका-कोला के बेवरेज की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करती हैं। इसके साथ-साथ हमारा ध्यान व्यापक रिटेल और सप्लाई चेन इकोसिस्टम को मजबूत करने पर भी है, ताकि उन लोकल कारोबारियों और पार्टनर का साथ दिया जा सके, जो इन उत्सवों में अहम भूमिका निभाते हैं।”
यह पहल कोका-कोला इंडिया के ‘लोकली योर्स’ कैंपेन को भी आगे बढ़ाती है, जिसमें मोहल्ले के रिटेलर टचपॉइंट के इस बड़े नेटवर्क का एक अहम हिस्सा बनते हैं, और फेस्टिव सीज़न के दौरान बेवरेज को आसानी से उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।
कोका-कोला इंडिया और हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज़ ताज़गी देने के अलावा पंडालों के साथ मिलकर इस्तेमाल हो चुकी पेट बोतलों को इकट्ठा करने की पहल भी कर रहे हैं, और फेंकी गई सामग्री को अपसाइकल्ड स्ट्रीट आर्ट के जरिए नया जीवन दे रहे हैं। इसके अलावा, स्ट्रीट आर्टिस्ट डूडल मपुल्स के साथ मिलकर बोतल के ढक्कनों और लेबल को ‘वेस्ट टू वंडर’ नाम की लाइव आर्ट में बदला गया है, जिससे फेंकी गई सामग्री को एक नया रचनात्मक रूप मिला है। ये पहलें सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देती हैं, और साथ ही फेस्टिव सीज़न के दौरान इस्तेमाल हो चुकी PET बोतलों की रिकवरी व रीसाइक्लिंग में भी मदद करती हैं।
इन पहलों के जरिए कोका-कोला इंडिया ताज़गी, समुदाय और लोकल पार्टनरशिप को साथ लाना जारी रखे हुए है। इससे उसके बेवरेज ज्यादा लोगों तक पहुंच रहे हैं, और साथ ही उन मोहल्ले के कारोबारियों का भी साथ मिल रहा है, जो इन उत्सवों को जीवंत बनाने में मदद करते हैं।

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